*आयुष्मान कार्ड के भरोसे भर्ती हुए मरीज से अब इलाज का भुगतान मांगने का आरोप, टीएमटी हॉस्पिटल में परिजन परेशान*
*डॉक्टरों ने भर्ती के समय आयुष्मान योजना का लाभ मिलने की बात कही, अब बीमारी में कार्ड लागू नहीं होने का दिया जा रहा हवाला; हेमराज कुशवाहा के परिजनों ने उठाए सवाल*

*डॉक्टरों ने भर्ती के समय आयुष्मान योजना का लाभ मिलने की बात कही, अब बीमारी में कार्ड लागू नहीं होने का दिया जा रहा हवाला; हेमराज कुशवाहा के परिजनों ने उठाए सवाल*
मैहर। आयुष्मान भारत योजना के तहत निःशुल्क इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को यदि भर्ती होने के बाद आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़े, तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ऐसा ही एक मामला टीएमटी हॉस्पिटल का सामने आया है, जहां हेमराज कुशवाहा के परिजनों ने आयुष्मान कार्ड से इलाज नहीं मिलने और निजी खर्च उठाने के लिए मजबूर किए जाने की बात कही है।
मरीज के भाई योगेंद्र कुशवाहा के अनुसार, अस्पताल में भर्ती कराने से पहले डॉक्टरों से बातचीत हुई थी। परिजनों का कहना है कि उस दौरान डॉक्टरों ने उन्हें बताया था कि टीएमटी हॉस्पिटल में आयुष्मान कार्ड लागू होता है और मरीज को भर्ती करा दीजिए, आगे की प्रक्रिया हो जाएगी। इसी भरोसे पर हेमराज कुशवाहा को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
योगेंद्र कुशवाहा का आरोप है कि भर्ती होने के बाद अस्पताल के स्टोर से कुछ दवाइयां भी मंगवाई गईं, लेकिन बाद में परिजनों को बताया गया कि मरीज की बीमारी में आयुष्मान कार्ड लागू नहीं होता। इसके बाद परिवार के सामने इलाज के खर्च का इंतजाम करने की परेशानी खड़ी हो गई। परिजनों का कहना है कि अब उन्हें अपने स्तर पर भुगतान कर इलाज कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
भर्ती से पहले जानकारी क्यों नहीं दी गई?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि संबंधित बीमारी में आयुष्मान योजना का लाभ नहीं मिलना था, तो क्या मरीज को भर्ती करने से पहले इसकी स्पष्ट जानकारी दी गई थी? यदि परिजनों को योजना के तहत इलाज मिलने का भरोसा दिलाया गया था, तो बाद में कार्ड लागू नहीं होने की बात सामने आने पर अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी क्या बनती है?
आयुष्मान कार्ड से हर बीमारी और हर उपचार का खर्च स्वतः कवर नहीं होता। पात्रता, बीमारी, निर्धारित उपचार पैकेज और अस्पताल में उस पैकेज की उपलब्धता के आधार पर लाभ तय होता है। इसलिए इस मामले में वास्तविक स्थिति की जांच और संबंधित रिकॉर्ड का सत्यापन जरूरी है।
अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग से जवाब की मांग
हेमराज कुशवाहा के परिजनों की शिकायत के बाद अब अस्पताल प्रबंधन और संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों से मामले की स्थिति स्पष्ट करने की अपेक्षा है। यह भी जांच का विषय है कि भर्ती से पहले आयुष्मान योजना के लाभ को लेकर क्या जानकारी दी गई थी और बाद में इलाज के लिए भुगतान की जरूरत क्यों बताई गई।
सवाल मरीज के इलाज और परिवार पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ का है। यदि परिजनों को गलत जानकारी देकर भर्ती किया गया है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, यदि संबंधित उपचार योजना के दायरे में नहीं आता, तो अस्पताल को भर्ती के समय ही स्पष्ट जानकारी देने के साथ मरीज के परिजनों को नियमों और खर्च की स्थिति समझानी चाहिए।
नोट: यह समाचार मरीज के भाई योगेंद्र कुशवाहा द्वारा बताए गए आरोपों पर आधारित है। टीएमटी हॉस्पिटल प्रबंधन का पक्ष और संबंधित दस्तावेजों की पुष्टि होने के बाद खबर को अद्यतन किया जाना चाहिए।
*गोवर्धन गुप्ता अजूबा एक्सप्रेस न्यूज 24 मैहर*



