Explained: CJP प्रोटेस्ट रोकने के लिए सरकार ने झोंक दी ताकत! ट्रेन से सड़क तक क्या इंतजाम?
लोकतंत्र में एक प्रदर्शन को रोकने के लिए इतनी बड़ी मशीनरी लगाना खुद में एक बयान है. CJI सूर्यकांत ने कहा, 'हम साफ करते हैं कि मेट्रो पूरी तरह प्रतिबंध नहीं होगी. आम आदमी को परेशानी नहीं होनी चाहिए.'

10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) प्रदर्शन रोकने के लिए दिल्ली में जो कुछ किया जा रहा है, वैसा शायद पहले कभी नहीं हुआ. ट्रेनें कैंसिल, मेट्रो स्टेश बंद, बॉर्डर सील, धारा 163 लागू, मस्जिदों से ऐलान, शराब की दुकानें बंद और करीब 26 हजार सेंट्रल फोर्स के जवान तैनात होंगे. यह सिर्फ कानून व्यवस्था नहीं है. यह पूरे शहर को किला बनाने जैसा है. सुप्रीम कोर्ट ने भी कह दिया कि मेट्रो और ट्रेनों को पूरी तरह बंद नहीं किया जा सकता है. तो CJP प्रदर्शन को रोकने के लिए सरकार से लेकर सड़कों तक क्या-क्या हो रहा है…
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भरोसा दिलाया कि स्थिति के हिसाब से सेवाओं को कंट्रोल में रखा जाएगा. हालांकि, CJI सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए बड़ी बात कह दी, ‘मक्खी को मारने के लिए हथौड़ा न चलाएं.’
अब एक-एक करके समझिए प्रशासन की तैयारी:
1. ट्रेनें कैंसिल
भारतीय रेलवे ने कहा, ‘इंटेलिजेंस इनपुट और ट्रैफिक एडवाइजरी बताते हैं कि 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच दोनों स्टेशनों के आसपास भारी सड़क जाम होगा. 9 अक्टूबर दोपहर 2 बजे के बाद सोर्स से चलने वाली और 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली/हजरत निजामुद्दीन पहुंचने वाली सभी मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें सोर्स पर ही कैंसिल है.’
रेलवे ने यह भी बताया कि 2 अक्टूबर 2026 को प्रदर्शन की वजह से हुए ट्रैफिक जाम में करीब 5,000 यात्रियों की ट्रेन छूट गई थी. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर रोजाना करीब 4 लाख यात्री आते हैं.
2. 57 मेट्रो स्टेशन बंद
दिल्ली पुलिस ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया कि 57 स्टेशनों के गेट 9 अक्टूबर रात 9 बजे से 10 अक्टूबर तक बंद रहेंगे, जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते. हालांकि इंटरचेंज की सुविधा जारी रहेगी, सिवाय नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन के. पुलिस का कहना है कि भीड़ अनियंत्रित होकर संवेदनशील इलाकों की तरफ बढ़ सकती है.
3. CAPF की 221 कंपनियों को बुलावा
गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस को 8 से 12 अक्टूबर तक CAPF की 221 कंपनियां यानी करीब 23,000 जवान भेजे हैं. यह 110 CAPF कंपनियों को मजबूत करता है जो पहले से दिल्ली पुलिस के साथ जुड़ी हुई थीं. कुल मिलाकर करीब 26,000 केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान दिल्ली में तैनात होंगे.
CRPF की कंपनियां जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से दिल्ली लाई जा रही हैं. करीब 12,000 अर्धसैनिक जवान पहले से दिल्ली में तैनात हैं. करीब 11,000 CRPF जवानों को एयरलिफ्ट करके लाया जा रहा है.
दिल्ली पुलिस के करीब 15,000 जवान भी तैनात किए जा रहे हैं. 450-500 महिला अर्धसैनिक जवान भी अलग से बुलाई गई हैं. पुलिसकर्मियों को 150 बॉडी कैमरा भी दिया जा रहा है ताकि प्रदर्शनकारियों के साथ उनकी बातचीत रिकॉर्ड हो सके.
4. धारा 163 लागू
दिल्ली में BNS की धारा 163 लागू कर दी गई है. दिल्ली पुलिस की जॉइंट कमिश्नर नूपुर प्रसाद ने कहा, ‘7 अक्टूबर 2026 को CJP के सह-संयोजक सौरभ दास से आवेदन मिला था. इसमें जंतर मंतर पर 10 अक्टूबर को CEC की जवाबदेही को लेकर प्रदर्शन की सूचना दी गई थी. मौजूदा दिशानिर्देशों के तहत जंतर मंतर पर कार्यक्रम के लिए कम से कम 10 दिन पहले आवेदन देना होता है. इसके अलावा CJP के पिछले आचरण को देखते हुए, पहले दिए गए वचनों और कानूनी निर्देशों का पालन नहीं किया गया था.’
धारा 163 के तहत दिल्ली में बिना लिखित अनुमति के 5 या ज्यादा लोगों का जमावड़ा, जुलूस, प्रदर्शन, धरना, नारेबाजी, भाषण, और हथियार, लाठी, तलवार और ईंट-पत्थर जैसी चीजें लेकर चलना. जॉइंट कमिश्नर ने कहा कि जो भी कानून तोड़ेगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
5. बॉर्डर सील
दिल्ली के चिल्ला, सिंघू, गाजीपुर, अपसरा समेत कई बॉर्डर सील कर दिए गए हैं. बीएसएफ को दिल्ली और नोएडा पुलिस के साथ चिल्ला बॉर्डर पर तैनात किया गया है, जो शुक्रवार रात 9 बजे से सील कर दिया जाएगा. दिल्ली पुलिस खुफिया इकाई का अनुमान है कि पड़ोसी राज्यों से आने वाले लोगों समेत 50,000 से ज्यादा लोग शहर में जमा हो सकते हैं.
6. मस्जिदों में एलान
दिल्ली पुलिस ने पुरानी दिल्ली की मस्जिदों में जाकर लाउडस्पीकर से एलान करवाया कि लोग किसी भी प्रदर्शन में शामिल न हों और अपने बच्चों को भी न भेजें. यह एलान चांदनी चौक के शाही मस्जिद में किया गया, जहां पुलिस अधिकारी ने मस्जिद के माइक का इस्तेमाल करके लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों और भड़काऊ संदेशों से बचने और पुलिस तथा प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की.
एलान में कहा गया, ‘अपने बच्चों और परिवार के सदस्यों को समझाएं कि वे किसी भी अनावश्यक प्रदर्शन में हिस्सा न लें. किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें. किसी भी भड़काऊ संदेश के झांसे में न आएं. जिम्मेदार नागरिक बनें और कानून का पालन करें’.
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इसका एकमात्र इरादा यह सुनिश्चित करना था कि ‘युवा गुमराह होकर गैरकानूनी जमावड़े का हिस्सा न बनें.’
7. शराब की दुकानें बंद और होटलों पर रोक
दिल्ली सरकार ने 9 और 10 अक्टूबर को शराब की सभी दुकानें बंद रखने का आदेश दिया. दिल्ली आबकारी विभाग ने कहा कि यह फैसला ‘सार्वजनिक व्यवस्था’ बनाए रखने के लिए ‘मौजूदा स्थिति’ को देखते हुए लिया गया है. हालांकि लाइसेंस प्राप्त बार खुले रहेंगे.
पहाड़गंज समेत मध्य दिल्ली के होटलों और गेस्ट हाउसों को नई बुकिंग न लेने का निर्देश दिया गया है.
8. डिटेंशन सेंटर तैयार
राजीव गांधी स्टेडियम (बवाना) और छत्रसाल स्टेडियम समेत करीब 10 अस्थायी डिटेंशन सेंटर बनाए जा रहे हैं.
CJP का आरोप है कि प्रदर्शन से पहले देशभर में उसके वॉलंटियर्स को पुलिस हिरासत में ले रही है. CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दावा किया कि कम से कम 10,000 लोगों को डिटेन किया गया है. इनमें CJP, छात्र संगठन, किसान संगठन, दलित संगठन और राजनीतिक दलों से जुड़े लोग शामिल हैं. हालांकि इस दावे की पुष्टि नहीं हुई है.
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, ‘जहां भी पुलिस हमें रोकेगी, हम वहीं बैठ जाएंगे और वही जंतर मंतर बन जाएगा. वे पूरे शहर को तो घेर नहीं सकते, है ना?’
CJP ने यह भी आरोप लगाया कि उसके कार्यकर्ताओं को पुलिस नोटिस भेज रही है और दिल्ली यात्रा खर्च के बारे में पूछ रही है. दिपके ने कहा, ‘महाराष्ट्र पुलिस CJP वॉलंटियर्स को नोटिस भेज रही है, दिल्ली यात्रा खर्च पूछ रही है और धमका रही है कि प्रदर्शन हिंसक हो सकता है. वे ऐसा दावा कैसे कर सकते हैं?’
9. पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर कंट्रोल
दिल्ली पुलिस ने बस बुकिंग की जांच शुरू कर दी है. पुलिस उन बस ऑपरेटरों को ट्रैक कर रही है, जिन्होंने पिछले आंदोलनों के दौरान प्रदर्शनकारियों के लिए परिवहन की व्यवस्था की थी. साथ ही, बस टर्मिनलों पर भी निगरानी रखी जा रही है.
पुलिस ओला और उबर जैसी कैब कंपनियों के साथ समन्वय कर रही है ताकि लुटियंस दिल्ली की ओर होने वाली आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके और जरूरत पड़ने पर इन रास्तों को बंद कर दें.
दिल्ली सरकार ने पहले ही एहतियात के तौर पर DTC और क्लस्टर बस सेवाओं को छह महीने के लिए ‘आवश्यक सेवा’ घोषित करके ESMA लागू कर दिया है. इसका मतलब है कि कोई भी ड्राइवर हड़ताल या काम बंद नहीं कर सकता.
पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद होने की स्थिति में लोग ऐप कैब और ऑटो पर निर्भर हो सकते हैं, लेकिन पुलिस की निगरानी के चलते इनकी उपलब्धता भी प्रभावित हो सकती है.
10. सड़कों पर नाकाबंदी
दिल्ली पुलिस ने शहर को चार परतों में घेरने की रणनीति बनाई है, जिसमें सड़कों पर बैरिकेडिंग और डायवर्जन मुख्य हैं. इसके तहत किए गए इंतजाम ये हैं:
- 37 ब्लॉकिंग पॉइंट्स: पुलिस ने पूरे नई दिल्ली जिले में 37 ब्लॉकिंग पॉइंट्स बनाए हैं. इन पॉइंट्स का मकसद प्रदर्शनकारियों को जंतर मंतर पहुंचने से रोकना है.
- मुख्य सड़कें बंद: कई प्रमुख सड़कों को बंद कर दिया गया है या वहां भारी बैरिकेडिंग लगाई गई है. इनमें अशोक रोड, रायसीना रोड, संसद मार्ग, जनपथ, रफी मार्ग और पंत मार्ग शामिल हैं.
- ट्रैफिक डायवर्जन: कनॉट प्लेस, पटेल चौक, विंडसर प्लेस, अशोक रोड और जंतर-मंतर रोड के आसपास के इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन किया जाएगा. इससे इन रास्तों पर आवाजाही बुरी तरह प्रभावित होगी.
सिर्फ एक प्रदर्शन रोकने की कहानी इतनी बड़ी क्यों?
यह इस बात का सबूत है कि सरकार और प्रशासन एक युवाओं के नेतृत्व वाले आंदोलन को इतना बड़ा खतरा मान रहे हैं कि उन्होंने पूरी दिल्ली को किला बना दिया. दिल्ली पुलिस की खुफिया इकाई का अनुमान है कि 50,000 से ज्यादा लोग शहर में जमा हो सकते हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने भी माना कि यह मामला गंभीर है. CJI ने कहा, ‘हमें मेट्रो स्टेशनों के बंद होने की गंभीर चिंता है. हमारी चिंता उन यात्रियों की है जो दूर से आकर अपनी आजीविका कमाते हैं. आम नागरिकों को नुकसान नहीं होना चाहिए’.
यह देखना दिलचस्प होगा कि 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में क्या होता है.
